Shekh chilli ki nayi kahani with funny | comedy story in hindi

Shekh chilli ki nayi kahani with funny | comedy story in hindi

शेख चिल्ली (Shekh chilli ki nayi kahani) को घूमना बहुत पसंद है इसलिए उसने सोचा की आज मुझे शहर की और घूमने जाना चाहिए, क्योकि गांव में रहकर तो सब कुछ देख लिया है अब मुझे शहर भी देखना चाहिए यह बात सोचकर शेख चिल्ली शहर की और जाने लगा था (comedy story in hindi) वह बस का इंतज़ार कर रहा था कुछ देर बाद बस आती है Shekh chilli उस बस में चढ़ जाता है कुछ देर बाद शेख चिल्ली से टिकट के लिए कहा जाता है

Shekh chilli ki nayi kahani with funny : शेख चिल्ली की नयी कहानी

shekh chilli ki nayi kahani with funny
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यह सुनकर Shekh chilli कहता है की हमे इसकी जरूरत नहीं है आप इसे अपने पास रखिये हम इसका क्या करेंगे तभी वह आदमी कहता है की इसके बिना तुम कही भी जा नहीं सकते हो Shekh chilli उसकी और देखता है और कहता है की यह छोटा सा कागज़ का टुकड़ा हमे शहर पहुंचा सकता है यह बात तो हमे आज पता चली है की यह बहुत जरुरी होता है शेख चिल्ली ने कहा की यह हमे दीजिये और बस को रोक दीजिये हम इस कागज़ से शहर पहुंच जायेंगे

comedy story in hindi
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वह आदमी कहता है की क्या तुम कभी बस में नहीं आये हो शेख चिल्ली कहता है की हमे जरूरत नहीं हुई थी आज सोचा की शहर देख लिया जाए तो हम शहर की और चल पड़े जबकि वह आदमी कहता है की अब आपने टिकट ले लिया है तो हमे पैसे दीजिये Shekh chilli ने कहा की यह कागज़ का टुकड़ा है इसके लिए हम पैसा नहीं देंगे वह शेख चिल्ली से कहता है की अगर आप पैसा नहीं देना चाहते है तो आप कही भी जा नहीं सकते है उसके बाद शेख चिल्ली बस से नीचे उतर जाता है, मगर Shekh chilli को यह बात समझ नहीं आती है की यह कागज़ का टुकड़ा हमे शहर कैसे पहुंचा सकता है वह उसे देखता रहता है 

 

तभी एक गाडी वाला आता है Shekh chilli उस टिकट को देखने में हाथ दिखा देता है और वह गाडी वाला रुक जाता है शेख चिल्ली उसे देखता है वह गाडी वाला आदमी कहता है की आपको कही जाना है शेख चिल्ली कहता है की मुझे शहर की और जाना है वह आदमी कहता है की आप बैठ जाए में आपको छोड़ देता हु अब Shekh chilli को समझ आ गया था की यह कागज़ का टुकड़ा बहुत अच्छा है इसने तो मुझे गाडी में ही बिठा दिया है

 

Shekh chilli उस आदमी से बात करता है वह आदमी कहता है की आपको कुछ काम है शहर में, Shekh chilli कहता है की कुछ काम नहीं है बल्कि मुझे तो कोई काम ही नहीं है, में तो शहर देखने आया था वह आदमी कहता है की तुम्हारे पास तो बहुत समय है तुम दिनभर क्या करते हो शेख चिल्ली कहता है की कुछ ख़ास नहीं करता हु पूरा दिन भर तो यही सोचने में चला जाता है की में जीवन में कब कामयाब बना सकता हु वह आदमी फिर पूछता है की तुम किसी काम की तलाश कर रहे हो तो में तुम्हारी मदद कर सकता हु

 

Shekh chilli कहता है की लेकिन मुझे तो कोई काम आता ही नहीं है फिर में काम की तलाश कैसे कर सकता हु वह आदमी फिर कहता है की में तुम्हे कोई भी काम दिलवा सकता हु Shekh chilli कहता है की में कामयाब होने की सपने देखता हु काम करने के नहीं, वह आदमी शेख चिल्ली की और देखता है और कुछ नहीं बोलता है कुछ देर बाद शहर आ जाता है शेख चिल्ली कहता है की कुछ देर बाद हमे यही पर मिलना वह आदमी कहता है की ऐसा क्यों,

Shekh chilli ki nayi kahani with funny | comedy story in hindi

Shekh chilli कहता है की मेरे पास वह कागज़ का टुकड़ा है जोकि सभी की कमजोरी है कोई भी कार रुक जाती है उसे दिखते ही, वह आदमी अपनी कार लेकर जाता है उसे तो यही पता नहीं है की यह शेख चिल्ली है, अगर आपको यह कहानी, Shekh chilli ki nayi kahani with funny, comedy story in hindi, पसंद आयी है तो शेयर जरूर करे इसका अगला भाग नीचे दिया है

 

comedy story in hindi : शेख चिल्ली की दूसरी कहानी

Shekh chilli अभी शहर पहुंच गया था यह शहर तो देखने में बहुत अच्छा लग रहा था यहां पर लोग बहुत ज्यादा नज़र आ रहे है इतने अधिक लोग है की हमारे पुरे गांव में भी इतने लोग नहीं है आज भूख भी लग आयी है मगर यहां पर खाना कौन देता होगा तभी उसकी नज़र एक ठेले पर जाती है जिस जगह पर लोग खाना खा रहे थे वह भी पहुंच जाता है और खाना शुरू करता है

 

जब Shekh chilli का पेट भर जाता है तो वह जाने लगता है तभी उसे वह ठेले वाला रोकता है और कहता है की मेरे पैसे तो देते जाओ Shekh chilli कहता है की यह तो तुम्हारा काम है तुम सभी को खाना खिला रहे थे मेने भी खा लिया इसमें पैसे की बात कहा से आयी है तभी ठेले वाला कहता है की यह सभी पैसे देने वाले है यह पर खाना मुफ्त नहीं मिलता है शेख चिल्ली कहता है की यह बात सही नहीं है क्योकि हमारे गांव में ऐसा नहीं होता है अगर आप भी हमारे गांव में आते है तो हम आपसे पैसा नहीं लेते है

 

वह ठेले वाला कहता है की तुम्हारा गांव नहीं है शहर है और यहां कोई भी चीज मुफ्त नहीं मिलती है शेख चिल्ली कहता है की मेरे पास पैसे नहीं है तभी ठेले वाला कहता है की जितना खाना तुमने खाया है उससे अधिक काम करना होगा उसके बाद Shekh chilli वहा पर बर्तन धोता है वह बर्तन धोता हुआ कहता है की यह शहर अच्छा नहीं है अब में यहां पर नहीं आयूंगा, उसके बाद शेख चिल्ली अपनी सोच पर गुस्सा करता है क्यों उसने शहर आने के बारे में सोचा था अगर आपको यह कहानी, Shekh chilli ki nayi kahani with funny, comedy story in hindi, पसंद आयी है तो शेयर जरूर करे

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