जीवन की सच्ची कहानी, sachi kahani hindi

By | December 20, 2018

sachi kahani hindi

जीवन की सच्ची कहानी, sachi kahani hindi, यह कहानी आपको जरूर पसंद आएगी, क्योकि जीवन में बहुत सी परेशानी आती है जिससे हमे निकलना बहुत जरुरी होता है, यह तभी होता है जब आप उससे निकलना चाहते हो, 

जीवन की सच्ची कहानी : sachi kahani hindi

sachi kahani.jpg

sachi kahani hindi

आज बेटा परेशान लग रहा था, वह हर बार यही सोच रहा था, पता नहीं की मेरे पिताजी कब ठीक हो पाएंगे, वह पिछले दो दिनों से परेशान है उनकी तबियत भी ठीक नहीं लग रही है, वह लड़का अपनी मो के पास जाता है और पूछता है की मेरे पिताजी कब ठीक हो पायंगे, माँ कहती है की बेटा परेशान नहीं होना चाहिए, हमने इन्हे काफी जगह पर दिखाया है मगर कोई भी इन्हे सही नहीं कर पा रहा है,

 

मुझे पता नहीं है की क्या करना चाहिए,   अगर कोई बिमारी समझ में आ जाये तो उसका इलाज भी हो सकता है मगर जब कुछ पता नहीं चलता है तो बहुत मुश्किल होता है,   बेटा यह बात सुनकर पिताजी को देखता है मगर कुछ भी समझ नहीं आता है कुछ देर बाद बेटा बाहर चला जाता है कोई आदमी यह कहते हुए सुन रहा था की जिसे भी कोई भी परेशानी है तो वह जल्दी ही बाबा के पास आ जाए, आज बहुत पहुंचे हुए बाबा यहां पर आये है जो किसी का भी इलाज कर सकते है

 

अगर कोई भी परेशानी से गुजर रहा है तो वह अपनी परेशानी यहां पर आकर पूछ सकता है,   वह लड़का उस आदमी के पास जाता है, और कहता है की वह बाबा कहा पर है जिनके बारे में आप बता रहे है,   वह आदमी कहता है की तुम्हे वह दूसरे गांव में मिलेंगे, अगर तुम वह अपर जाते हो, तो तुम्हारी भी समस्या दूर हो सकती है, वह लड़का दूसरे गांव में जाता है, जब वह लड़का वहा पर जाता है तो काफी भीड़ नज़र आती है ऐसा लगता है की सभी लोग यहां पर अपनी समस्या लेकर आये है वह लड़का बेथ जाता है क्योकि पता नहीं अभी कितनी देर लगेगी,  

 

जब सुबह से शाम हो जाती है तो वह लड़का बाबा के पास जाता है और उन्हें प्रणाम करता है   बाबा कहते है की तुम तो बहुत कम उम्र के लगते हो तुम्हे क्या परेशानी और तुम कहा से आये हो, वह लड़का कहता है की में पास के गांव से आया हु, मुझे अपने पिताजी के लिए पूछना है, वह कुछ दिनों से बीमार है अगर वह ठीक नहीं हुए तो में खाना भी नहीं खाऊंगा, बाबा कहते है की तुम पास के गांव से यहां पर अकेले आये हो या तुम्हारे साथ कोई और भी आया है लड़का कहता है की माँ तो घर पर है   क्योकि वह पिताजी की तबियत को देख रही है उन्हें कुछ भी जरूरत पड़ सकती है

 

इसलिए में आपके पास अकेला ही आया हु,   बाबा ने कहा की ठीक है पहले बताओ की क्या हुआ है उसके बाद लड़का कहता है की वह ठीक नहीं हो पा रहे है, काफी इलाज भी कराया है मगर कोई भी असर नहीं पड़ रहा है, बाबा ने कहा की इसके लिए तुम्हे एक काम करना होगा, यहां से कुछ दुरी पर एक जंगल है अगर तुम वहा पर जाते हो तो एक पौधा जोकि ऐसा दिखाई देता है उसके फूल लाने होंगे जब तुम ऐसा करते हो तो तुम्हारे पिताजी की तबियत ठीक हो जायेगी,  

 

यह फूल लेकर तुम्हे अपने पिताजी के पास रखने होंगे उसके बाद कुछ ही दिनों में ठीक हो जायँगे, मगर यह काम बहुत ही सावधानी से करना होगा,   जंगल में बहुत सी परेशानी भी होती है और जब तुम्हारे पिताजी ठीक हो जाए तो उन्हें यहां पर लेकर आना, उसके बाद वह लड़का चल जाता है उधर माँ भी परेशान होती है क्योकि वह सुबह से पता नहीं कहा चला गया है वह घर जाता है और माँ पूछती है की सुबह से शाम तक तुम कहा थे, मुझसे चिंता हो रही थी   तभी वह लड़का कहता है की मुझे पिताजी का इलाज मिल गया है जिसके बाद वह ठीक हो जायँगे, माँ कहती है की ऐसा कैसे हुआ है

 

तभी वह लड़का कहता है की में दूसरे गांव में गया था   वही पर एक बाबा ने यह इलाज बताया है कला में जंगल की और जाऊँगा, उसके बाद एक पेड़ से फूल लाना होगा, मगर माँ ने कहा की तुम अकेले कही भी नहीं जाओगे, जब रात हो गयी तो सभी सो गया था सुबह होने पर माँ ने लड़के को बुलाया मगर कोई आवाज नहीं आ रही थी   माँ को लग रहा था की वह कही शायद चला तो नहीं गया है यह किसी की भी बात नहीं सुनता है माँ को अब चिंता हो रही थी,

 

क्योकि वह अभी तक नहीं आया था दोपहर हो गयी थी, वह अकेला गया है जोकि ठीक बात नहीं है कुछ समय बाद वह लड़का आ जाता है माँ कहती है की सुबह से कहा गया था कही तुम जंगल से तो नहीं आ रहे हो, लड़का कहता है की हां में वही गया था, माँ कहती है की यह ठीक नहीं है तुम्हे अकेले नहीं जाना चाहिए था,   लड़का वह फूल पिताजी के पास रखता है और कुछ दिन बाद उनकी तबियत ठीक हो जाती है, माँ को विश्वास नहीं होता है की वह ठीक हो गए है,  

 

उसके बाद माँ कहती है की तुम बहुत अच्छे बेटे हो जो तुमने अपने पिताजी के लिए किया है यह बहुत अच्छा काम है वह ठीक हो गए है उसके बाद लड़का कहता है की आपको बाबा ने बुलाया है उन्होंने ने कहा था की जब वह ठीक हो जाये तो मेरे पास लेकर आना, वह दोनों बाबा के पास जाते है और बाबा उस लड़के को देखते है और कहते है की तुम आ गए, तुमाहरी पिताजी कहा पर है, पिताजी कहते है की यह मेरा बेटा है बाबा कहते है की तुम्हारा बेटा बहुत अच्छा है यह तुम्हारी बहुत चिंता करता है  

आज इसके कारण ही तुम ठीक हो गए हो, उसके बाद दोनों बाबा का आशीर्वाद लेकर घर चले जाते है, हमे भी उस लड़के की तरह सबकी सेवा करनी चाहिए जिससे यह जीवन भी सफल हो जाए,  जीवन की सच्ची कहानी, sachi kahani hindi, अगर आपको यह कहानी पसंद आयी है तो आप इसे शेयर जरूर करे और कमेंट करके हमे भी बताये, 

Read More Hindi Story :-

Read More-एक अच्छे गांव की कहानी

Read More-हमारे लिए क्या जरुरी है हिंदी कहानी

Read More-एक सच्ची सेवा की हिंदी कहानी

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *